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बीपी – लो और हाई बीपी की समस्या के प्रमुख कारण और इलाज

बीपी अर्थात ब्लड प्रेशर की समस्या आजकल तेजी से बढ़ती जा रही है| पुराने ज़माने में बूढ़े लोगो को बीपी अर्थात ब्लड प्रेशर की समस्या होती थी, लेकिन आजकल कम उम्र के लोग भी इस बीमारी का शिकार बन रहे है| बीपी हाई और लो दो प्रकार का होता है| जरूरत से अधिक और जरूरत से कम ब्लड प्रेशर हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है| इस पोस्ट में हम आपको हाई और लो दोनों प्रकार के बीपी के बारे में जानकारी देंगे|

बीपी

हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure in Hindi)

हमारा अधिकतम ब्लड प्रेशर 120 एमएम (मिलीमीटर) होता है, जब यह ब्लड प्रेशर 120 से 140 एमएम चला जाता है, तब हमारा ब्लड प्रेशर हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में आने लगता है| जब ब्लड प्रेशर 159 एमएम तक हो जाता है, तब हम हाई बीपी के शिकार हो जाते है| हाई ब्लड प्रेशर को उच्च रक्तचाप भी कहते है| जब हमारा ब्लड प्रेशर 160 से ऊपर चला जाता है, तब हम ब्लड प्रेशर के दूसरे स्तर में पहुँच जाते है|

हाई ब्लड प्रेशर के कारण (Reasons for High Blood Pressure in Hindi)

हाई ब्लड प्रेशर होने के अनेक कारण होते है| मोटापा, नमक का अधिक सेवन, शराब का सेवन, सोडियम, गर्भ निरोधक दवाओं का सेवन, एक्सरसाइज ना करना ये सभी हाई ब्लड प्रेशर के कारण माने जाते है| हाई ब्लड प्रेशर अनुवांशिक भी होता है, अर्थात अगर आपके परिवार में किसी को हाई बीपी की समस्या थी, तो आपको हाई बीपी होने का खतरा बढ़ जाता है| 35 से 40 वर्ष की आयु के बाद हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है| कई लोगो का बीपी लगातार बढ़ता जाता है, और साथ ही उनके सीने में भी दर्द होता है, लेकिन वे इसकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देते, जिसके परिणाम स्वरूप उनकी जान चली जाती है| हाई ब्लड प्रेशर बहुत खतरनाक होता है, इसीलिए इसपर ध्यान दे|

हाई ब्लड प्रेशर का इलाज (Treatment of High Blood Pressure in Hindi)

हाई ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल रखने के लिए जागरूक होना बहुत जरुरी है| हाई ब्लड प्रेशर कई दिनों से बढ़ता है, जिसका अचानक से पता चलता है| ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है| दवाइयों द्वारा हाई ब्लड प्रेशर को एकदम से कण्ट्रोल किया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह कण्ट्रोल करने के लिए हमें इसका पूरा इलाज कराना होता है| हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर सिगरेट और शराब का सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए|

हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के टिप्स (High Blood Pressure Control Tips in Hindi)

1. समय समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक कराते रहे|
2. डॉक्टर की सलाह लेकर रोजाना व्यायाम करे|
3. ताजे फलो, सब्जियों, दालों और अंकुरित अनाज को अपने भोजन में शामिल करे|
4. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने की दवाइयां समय पर लेते रहे|
5. अपना फालतू वजन घटा दे|
6. सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे वनस्पति तेल का इस्तेमाल करे|
7. नमक का अधिक सेवन हाई बीपी का कारण है, इसीलिए नमक का अधिक सेवन ना करे|
8. अपनी जीवन शैली सुधारे और हमेशा तनावमुक्त रहे|

लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure in Hindi)

लो ब्लड प्रेशर में शरीर में रक्त संचार का दबाव इतना कम हो जाता है, कि नसों में रक्त का प्रवाह कम होने लगता है| रक्त संचार का दबाव कम होने से शरीर के मुख्य हिस्सों जैसे किडनी, दिल और मस्तिष्क में ऑक्सीजन सही अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पाती| हमारा निम्नतम ब्लड प्रेशर 80 एमएम होता है, जब यह कम होने लगता है, तो इसे लो ब्लड प्रेशर का संकेत माना जाता है| जब ब्लड प्रेशर 60 एमएम हो जाता है, तब हम लो ब्लड प्रेशर अर्थात हाईपोटेंशन के शिकार हो जाते है| ब्लड प्रेशर 60 एमएम पहुंचने पर हम हाईपोटेंशन के दूसरे स्तर में पहुंच जाते है|

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण (Symptoms of Low Blood Pressure in Hindi)

लो ब्लड प्रेशर होने पर शरीर में रक्त का दबाव कम होने लगता है| रक्त का दबाव कम होने से शरीर के मुख्य अंगो को रक्त की आपूर्ति पूरी तरह नहीं हो पाती, जिसके कारण वे सभी अंग सही तरीके से काम नहीं कर पाते| ऐसा होने पर दिल, फेफड़े, दिमाग और किडनी कार्य करना बंद कर देती है| जिसके कारण लो ब्लड प्रेशर होने पर बेहोशी और चक्कर आने जैसी प्रॉब्लम होने लगती है|

लो ब्लड प्रेशर के कारण (Reasons for Low Blood Pressure in Hindi)

जिन कारणों से हृदय की रक्त आपूर्ति बांधित होती है, वे सभी कारण लो ब्लड प्रेशर के लिए भी ज़िम्मेदार है| खून पतला होने या किसी भी कारण से शरीर में खून की कमी होने के कारण भी लो ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा हो जाती है| जिन लोगो को दिल से जुडी बीमारी होती है, उनका दिल कमजोर हो जाता है| जिसके कारण उनका दिल जरूरत के अनुसार ब्लड को पम्प नहीं कर पाता| इससे उनको लो बीपी की प्रॉब्लम हो जाती है|

लो ब्लड प्रेशर का इलाज (Low Blood Pressure Treatment in Hindi)

अगर आपको लो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम लगती है, तब सबसे पहले आपको अपना बीपी चेक कराना चाहिए| अगर आपका बीपी कम आये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए| कुछ दवाइयां भी लो बीपी का कारण होती है| अगर लो बीपी का कारण आपके द्वारा ली जाने वाली कोई दवाई है, तो डॉक्टर की सलाह अनुसार उस दवाई का सेवन कम या बंद कर दे| शरीर में खून की कमी होने पर तुरंत खून की पूर्ति कराये|

इस पोस्ट में आपने हाई और लो दोनों प्रकार के बीपी के बारे में जाना| आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, हमें पोस्ट के नीचे बने कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताये| अगर आपके पास बीपी से जुडी कोई अन्य जानकारी है, तो उसके बारे में भी आप हमें कमेंट करके बता सकते है|

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