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जानिए दमा की दवा, कारण, इलाज और आयुर्वेदिक उपचार : Dama Treatment in Hindi

दमा की दवा और आयुर्वेदिक उपचार : दमा का इलाज कैसे किया जाता है ? दमा की दवा क्या है ? दमा का देशी इलाज कैसे किया जाये ? ये सब बाते जानने से पहले, आपको ये पता होना जरुरी है, कि दमा क्या है ?

Dama Ki Dawa in Hindi

दमा श्वसन तंत्र से जुडी बीमारी है| इस बीमारी में सांस लेने में तकलीफ होने लगती है| ऐसा इसीलिए होता है, क्योंकि श्वसन मार्ग में सूजन आ जाती है| सूजन के कारण श्वसन मार्ग में संकुचन होने लगता है| दमा होने पर छोटी छोटी सांस लेनी पड़ती है| सांस लेने में तकलीफ होने के साथ साथ सांस फूलने, खांसी आने और छाती में कसावट जैसी परेशानिया भी होने लगती है|

दमा रोग होने की कोई विशेष उम्र नहीं होती| यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को कभी भी हो सकती है| दमा, विशिष्ट और गैर विशिष्ट दो प्रकार का होता है| विशिष्ट दमा में एलर्जी के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है| गैर विशिष्ट दमा में आनुवंशिक, मौसम में बदलाव और एक्सरसाइज़ के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है| दमा की बीमारी आनुवंशिक भी होती है, अर्थात अगर आपके परिवार में किसी को भी दमा की बीमारी है, तो आपको यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है|

दमा की सबसे खतरनाक बात ये है, कि इसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता| घरेलू उपायों, आयुर्वेदिक उपचार और अनेक प्रकार के ट्रीटमेंट के माध्यम से इसे कण्ट्रोल किया जा सकता है, या फिर इसके लक्षणों पर काबू किया जा सकता है|

दमा का इलाज करने से पहले दमा के कारण और लक्षणों के बारे में जानना जरुरी है| किसी भी बीमारी के कारण और लक्षण जानने से बीमारी से बचने और सही समय पर इलाज कराने में मदद मिलती है|

दमा के कारण (Dama Ke Karan)

1. सुगंधित सौंदर्य प्रसाधन
2. नमक का अधिक सेवन
3. धूल और धुएं के कण
4. दवाएं
5. ध्रूमपान
6. शराब का अधिक सेवन
7. हार्मोन में बदलाव
8. प्रदूषित वातावरण
9. पालतू जानवर
10. साइनसाइटिस का संक्रमण
11. तनाव
12. जंक फूड का अधिक सेवन
13. अनुवांशिक

दमा के लक्षण (Dama Ke Lakshan)

1. सांस लेने में तकलीफ
2. सिर में भारीपन
3. सांस लेते समय पसीना आना
4. सीने में जकड़न का अनुभव
5. सांस लेने के साथ घरघराहट जैसी आवाज आना
6. उल्टी आना

दमा का देशी इलाज (Dama Ka Desi Ilaj in Hindi)

1. सुहागे की खील को पीसकर बारीक़ पाउडर बना ले| अब इस पाउडर में बराबर मात्रा में मुलेठी का चूर्ण मिला ले| सुहागे और मुलेठी के मिश्रण को एक ग्राम शहद के साथ चाटे| इस देशी नुस्खे को अपनाने से श्वास नली से जुड़े सभी रोग जैसे जुखाम, खांसी और दमा ठीक हो जायेगे| इस नुस्खे के रोजाना इस्तेमाल से एक महीने में ही साधारण दमा ठीक हो जाता है| नुस्खे की मात्रा मरीज की आयु के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है| अगर आपको शहद पसदं नहीं है, तो आप इस नुस्खे को ग्राम पानी के साथ भी ले सकते है|

2. अंगूर की बात करे, तो अंगूर दमा के रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है| दमा के मरीज को अंगूर का सेवन करना चाहिए| अंगूर के साथ ही आप अंगूर के रस का सेवन भी कर सकते है| अंगूर से दमे के इलाज की बात करे तो अंगूर के बाग में रहने से दमे के मरीज को बहुत लाभ होता है|

3. पुराने से पुराने दमा में आराम पाने के लिए चौलाई के पत्तो का इस्तेमाल करे| चौलाई के ताजे पत्तो को पीसकर उसका रस निकाल ले| अब इस रस में शहद मिलाकर पियें| रोजाना इस नुस्खे को अपनाने से पुराने से पुराने दमा में भी आराम मिलेगा| दमे के कारण अगर शरीर में कमजोरी आ गयी है, तो चौलाई के पत्तो का साग खाये| एक शोध के अनुसार चौलाई का रोजाना किसी भी रूप में सेवन करते रहने से आदमी समय से पहले बूढ़ा नहीं होता|

4. तुलसी के पत्ते दमा के इलाज में उपयोगी है| तुलसी हर घर में आसानी से मिल जाती है| तुलसी की पत्तियों का पेस्ट बनाकर उसमे शहद मिलाकर चाटने से दमा में आराम मिलता है| बच्चो पर इस देशी नुस्खे का असर जल्दी होता है|

5. दमे के रोगियों को रात के समय सबसे ज्यादा तकलीफ होती है| जिसके कारण दमा का मरीज रात को चैन से सो भी नहीं पाता| अगर दमे के रोगी को अपनी रात आराम से काटनी है और चैन की नींद लेनी है, तो रात को सोने से पहले शहद के साथ करेले की जड़ का चूर्ण ले| इस नुस्खे को एक महीने तक अपनाने से जरूर लाभ होगा| अगर आपके पास शहद नहीं है, तो आप करेले की जड़ के चूर्ण में तुलसी की पत्तियों को मिलाकर भी सेवन कर सकते है|

6. संतरा और संतरे का रस भी दमा की बीमारी में लाभकारी है| संतरे के रस में शहद और नमक मिलाकर पीने से बलगम आसानी से निकल जाता है| जिससे दमे के मरीज को बहुत लाभ होता है| ब्रोंकाइटिस, जुखाम और खांसी होने पर भी इस देशी नुस्खे को अपना सकते है|

7. अगर आप दमा का देशी इलाज करना चाहते है, तो अंजीर का सेवन करे| दमा के रोगियों के लिए अंजीर का सेवन लाभकारी है| अंजीर के सेवन से बलगम आसानी से बाहर निकल जाता है, जिससे सांस लेने में होने वाली तकलीफ दूर हो जाती है| रात के सोने से पहले तीन चार अंजीर पानी में भिगोकर रखे| सुबह उठने के बाद पेस्ट करके अंजीर को पानी से निकालकर चबाकर खाये और ऊपर से अंजीर वाला पानी पी ले| रोजाना ऐसा करने से दमा में काफी आराम मिलेगा|

दमा की दवा (Dama Ki Dawa in Hindi)

1. लहसुन दमा के इलाज के लिए दवा की तरह काम करता है| लहसुन की तीन से चार कलियाँ दूध में उबाले| अब इस दूध को छानकर ठंडा कर ले| अब इस दूध को सोने से पहले दमे के मरीज को पिलाये| कुछ दिनों तक नियमित ऐसा करने से दमे में काफी आराम मिलता है|

2. एक मिलीलीटर पानी में तीन से चार लौंग डालकर पांच मिनट तक उबाले| अब इस पानी को छानकर थोड़ा ठंडा कर ले| जब यह पानी गुनगुना रह जाये, तब इसमें स्वाद अनुसार शहद मिलाकर पियें| रोजाना दो से तीन बार लौंग का ये पानी पीने से रोगी को बहुत लाभ होता है|

3. मेथी का काढ़ा दमे के इलाज की बढ़िया दवा है| मेथी के काढ़े में अदरक का रस और स्वादानुसार नमक मिलाकर लेने से दमा में आराम मिलता है| इस मिश्रण को रोजाना लेने से दमे को कण्ट्रोल किया जा सकता है|

4. अस्थमा को कण्ट्रोल करने के लिए लहसुन की दो कलियाँ पीसकर अदरक की चाय में मिलाकर छानकर पियें| अधिक लाभ के लिए अदरक की ये चाय सुबह और शाम दिन में दो बार पियें| रोजाना इस चाय को पीने से अस्थमा कण्ट्रोल में रहता है|

5. सहजन की पत्तियों का काढ़ा दमे के रोगियों के लिए लाभकारी है| सहजन के पत्तो को पानी में डालकर 5 से 7 मिनट तक उबाले| अब इस पानी को छान ले| जब यह गुनगुना हो जाये, तब इसमें नीबू का रस, काली मिर्च और स्वाद अनुसार नमक मिलाकर पियें| रोजाना सहजन के पत्तो का ये काढ़ा बनाकर पीने से दमा में काफी आराम मिलता है|

6. उबलते पानी में अजवायन डाले| अब इस पानी से निकलती भाप ले| अजवायन के पानी से निकलती भाप दमा के रोगी के लिए बहुत लाभकारी है| इस घरेलू उपाय को रोजाना अपना सकते है| इससे बंद नाक भी खुल जाती है, और सांस लेने में होने वाली तकलीफ दूर हो जाती है|

इस पोस्ट में आपने Dama Ka Ayurvedic Upchar कैसे करे, इसके बारे में जाना| दमे के इलाज से जुडी, ये पोस्ट आपको कैसी लगी, हमें कमेंट करके बताये| पोस्ट के बारे में अपना सवाल या आपकी कोई भी राय हो, तो वो भी आप कमेंट के माध्यम से हमें बता सकते है| कमेंट करने के लिए पोस्ट के निचे बने कमेंट बॉक्स को फॉलो करे|

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