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अपेंडिक्स (Appendix) के मुख्य लक्षण और घरेलू उपचार

अपेंडिक्स आँत का एक छोटा हिस्सा होता है| आँत के इस छोटे हिस्से अर्थात अपेंडिक्स को हिंदी में आंत्रपुच्छ भी कहते है| जब हमारी अपेंडिक्स (Appendix) में सूजन आ जाती है, तब इसे Appendicitis कहते है| अपेंडिक्स एक खतरनाक बीमारी है, क्योंकि यह पता लगा पाना बहुत मुश्किल होता है, कि होने वाला दर्द अपेंडिक्स का है, या नहीं है|

Appendix in Hindi

हमारे पेट में अनेक प्रकार के अंग होते है, और इन अंगो में पेट दर्द, बुखार, उल्टी, कब्ज और एसिडिटी जैसी बीमारियों के लक्षण एक जैसे होते है| ऐसे में यह पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है, कि दर्द अपेंडिक्स का है, या नहीं| अपेंडिक्स पेट के सीधे हिस्से में नीचे की ओर होता है|

अपेंडिक्स का एक भाग खुला होता है और एक भाग पूरी तरह बंद होता है| अगर अपेंडिक्स के खुले सिरे से भोजन का कोई कण अंदर चला जाता है, तो अपेंडिक्स का दूसरा सिरा बंद होने के कारण वह बाहर नहीं निकल पाता| इसके कारण अपेंडिक्स में संक्रमण होने लगता है| जिसके कारण अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है और दर्द होने लगता है| अपेंडिक्स का दर्द धीरे धीरे बढ़ता जाता है| अगर दर्द अपनी आखरी स्टेज पर पहुंच जाये, तो डॉक्टर इसके इलाज के लिए ऑपरेशन द्वारा अपेंडिक्स को शरीर से बाहर निकाल देते है|

अपेंडिक्स का दर्द 10 से 30 वर्ष की आयु वाले लोगो को अधिक होता है| अपेंडिक्स का शुरुआत में पता नहीं चल पाता, जिसके कारण इसका इलाज बिना ऑपरेशन के कराना कठिन हो जाता है| एक शोध के अनुसार अपेंडिक्स के अधिकतर मरीज पेट के सीधे हिस्से में नीचे की ओर दर्द की सामान्य प्रॉब्लम लेकर आते है और फिर उन्हें पता चलता है, कि यह अपेंडिक्स का दर्द है| इसके लिए डॉक्टर उन्हें तुरंत ऑपरेशन कराने की सलाह दे देते है|

हिंदी मीनिंग ऑफ़ अपेंडिक्स (Appendix Hindi Meaning)

अपेंडिक्स का हिंदी मीनिंग ना जानने के कारण अधिकतर लोग गूगल पर अपेंडिक्स का हिंदी मीनिंग खोजते रहते हैं| हम आपको अपेंडिक्स का हिंदी में क्या अर्थ है, यह बतायेगे| अपेंडिक्स के हिंदी में अनेक मीनिंग है, जैसे अपेंडिक्स का मीनिंग है, जोड़ी गयी वस्तु, अनुबंध, परिशिष्ट, अतिरिक्त वस्तु, आंत्रपुच्छ आदि| Appendix के ये मीनिंग बिलकुल सही है, अगर आप चाहे, तो गूगल पर इसकी पुष्टि कर सकते है|

अपेंडिक्स क्या है (What is Appendix in Hindi)

अपेंडिक्स पेट के दायें हिस्से में नीचे की ओर पेट में मौजूद छोटी और बड़ी आँत के के बीच में होता है| अपेंडिक्स की लम्बाई 2 से 4 इंच की होती है| अपेंडिक्स का काम हमारे शरीर में Cellulose को पचाना है| पुराने समय में अपेंडिक्स का कार्य अधिक था, क्योंकि पुराने समय में मानव कच्चे फल और सब्जियां खाता था| आज का मानव अधिकतर पका भोजन खाता है, इसीलिए शरीर में अपेंडिक्स का कार्य कम हो गया है| अपेंडिक्स को रोग प्रतिकारक क्षमता के लिए भी उपयोगी माना जाता है|

अपेंडिक्स होने के कारण (Causes of Appendix in Hindi

अपेंडिक्स में किसी कारणवश मल या भोजन का कण फंस जाने के कारण, अपेंडिक्स में संक्रमण हो जाता है, जिसके कारण अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है| अपेंडिक्स में सूजन आने को Appendicitis कहते है| अपेंडिक्स में सूजन आने के कारण अपेंडिक्स में बहुत तेज दर्द होता है| अपेंडिक्स पेट के दाएं हिस्से में नीचे की ओर होता है, इसीलिए अपेंडिक्स का दर्द पेट के दाएं हिस्से में होता है|

अपेंडिक्स का इलाज अगर समय पर ना किया जाये, तो अपेंडिक्स में मवाद पड़ने लगती है| अपेंडिक्स में मवाद पड़ने को परिशिष्ट गांठ (Appendicular lump) कहते है| अपेंडिक्स में मवाद पड़ने की स्थति में डॉक्टर तुरंत ऑपरेशन कराने के लिए कहते है| समय पर ऑपरेशन ना होने पर अपेंडिक्स पेट में ही फट जाता है, जिससे अपेंडिक्स का संक्रमण पेट के अन्य हिस्सों में फ़ैल जाता है| जिससे मरीज की स्थति बहुत गंभीर हो जाती है|

अपेंडिक्स के लक्षण (Appendix Symptoms in Hindi)

1. अपेंडिक्स का सबसे पहला लक्षण है, पेट दर्द| अपेंडिक्स के दर्द की शुरुआत पेट दर्द से होती है| यह दर्द नाभि के नीचे के हिस्से से होती है| अपेंडिक्स का दर्द बढ़ने पर यह पेट के नीचे हिस्से में दाएं औऱ होने लगता है| अपेंडिक्स वाले हिस्से में हाथ लगाने पर यह दर्द अधिक होने लगता है| कभी कभी पेट दर्द के साथ साथ ऐसा लगता है, जैसे पेट के नीचे के हिस्से में गैस जमा है|

2. पेट में अपेंडिक्स संक्रमण होने पर बुखार आने लगता है| अपेंडिक्स के मरीज में पेट दर्द होने, उल्टी आने और बुखार होने ये तीनो चीजे एक साथ भी देखने को मिल जाती है|

3. Appendix Symptoms in Female – औरतो को अपेंडिक्स होने पर गर्भावस्था के दौरान अपेंडिक्स पेट के ऊपरी हिस्से में आता जाता है| जिसके कारण अपेंडिक्स का दर्द जो पेट के नीचे के हिस्से में होता है, वह पेट के ऊपरी हिस्से में होने लगता है|

4. अपेंडिक्स का दूसरा लक्षण है, जी मिचलाना और उल्टी आना| अपेंडिक्स होने पर व्यक्ति को पेट दर्द के साथ साथ उल्टिया भी होने लगती है| अगर आपको पेट के दाएं हिस्से में पेट दर्द के साथ साथ जी मिचलाने और उल्टी आने की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराये|

5. अपेंडिक्स होने पर भूख कम लगती है| कब्ज की प्रॉब्लम, कफ युक्त मल और दस्त होना भी अपेंडिक्स के लक्षण में आते है|

अपेंडिक्स का इलाज (Appendix Ka Ayurvedic Ilaj)

अदरक (Ginger) अपेंडिक्स में सूजन आने के कारण अपेंडिक्स का दर्द होता है| अदरक सूजन को कम करने का काम करता है| अपेंडिक्स की सूजन को कम करने के लिए रोजाना दिन में दो से तीन बार अदरक की चाय पियें| अदरक का तेल भी गर्म होता है, पेट की मालिश के लिए अदरक के तेज का इस्तेमाल करे|

एलोवेरा (Aloe vera) – एलोवेरा का सेवन शरीर के लिए हर तरीके से फायदेमंद है| कब्ज दूर करने और पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए रोजाना एलोवेरा का सेवन करना चाहिए| एलोवेरा जूस मार्किट में आसानी से उपलब्ध है| एलोवेरा के सेवन से पेट और त्वचा सम्बन्धी सभी रोग दूर होते है|

छाज (Buttermilk) – अगर आप घरेलू तरीको से अपेंडिक्स का इलाज करना चहिते है, तो छाज का नियमित रूप से सेवन करे| अपेंडिक्स के दर्द में आराम पाने के लिए रोजाना एक गिलास छाज में काला नमक मिलाकर पियें|

लहसुन (Garlic) – लहसुन अपेंडिक्स और अपेंडिक्स के दर्द का रामबाण इलाज है| अपेंडिक्स के मरीज को रोजाना खाने में लहसुन का सेवन करना चाहिए| इसके साथ ही रोजाना सुबह खाली पेट एक से दो कली लहसुन की कली को चबाकर खाना चाहिए|

पुदीना (Mint) – हाजमा सही करने और पेट के सभी रोगो को दूर करने के लिए पुदीने का इस्तेमाल किया जाता है| अपेंडिक्स के दर्द में आराम पाने के लिए भी पुदीने का इस्तेमाल किया जाता है| अपेंडिक्स के दर्द में आराम पाने के लिए पुदीने की चाय बनाकर पियें| पुदीने की चाय पीने से चक्कर आने और पेट में गैस की समस्या भी ठीक हो जाती है|

तुलसी (Basil) – अपेंडिक्स के मरीज के लिए तुलसी का सेवन लाभकारी है| अपेंडिक्स के मरीज को रोजाना तुलसी की ताज़ी पत्तिया चबाकर खानी चाहिए| इससे अपेंडिक्स में आराम मिलता है|

सेंधा नमक (Rock Salt) – अपेंडिक्स के मरीज को खाना खाने से पहले टमाटर और अदरक पर सेंधा नमक डालकर खाना चाहिए| रोजाना ऐसा करने से लाभ होता है|

पालक (Spinach) – अपेंडिक्स आंतो के बीच में होता है| अपेंडिक्स की प्रॉब्लम से बचने के लिए आंतो का स्वस्थ होना भी जरुरी है| पालक के सेवन से आंतो से जुडी सभी बीमारियां दूर हो जाती है|

अपेंडिक्स का रामबाण इलाज (Appendix Ka Rohani Ilaj)

1. मेथी दाना अपेंडिक्स के इलाज में उपयोगी है| अपेंडिक्स के दर्द और सूजन को कम करने के लिए रोजाना एक कप पानी में एक चम्मच मेथी दाना को डालकर उबाले और फिर छानकर पियें| इस नुस्खे का उपयोग दिन में दो बार करे| खाने में भी मेथी दाने का उपयोग करना चाहिए|

2. अपेंडिक्स के दर्द वाले हिस्से पर राई पीसकर लगाए, इससे अपेंडिक्स के दर्द में आराम मिलता है| ध्यान रहे राई का लेप एक घंटे से अधिक ना लगा रहने दे, नहीं तो पेट पर छाले हो जायेगे|

3. अपेंडिक्स की सूजन को दूर करने के लिए ईमली के बीजो को पीसकर लेप बनाये और इस लेप को अपने पेट पर लगाए| पेट फूलने की समस्या होने पर भी ये नुस्खा कारगर है|

4. शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता कम होने के कारण अपेंडिक्स का दर्द अधिक होता है| रोग प्रतिकारक क्षमता बढ़ाने के लिए रोजाना शहद में नींबू का रस मिलाकर चाटे|

अपेंडिक्स में क्या ना खाये (Appendix Me Kya Nahi Khana Chahiye)

1. डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों और भोजन का सेवन करना चाहिए|

2. बाहर का भोजन और अधिक तला भुना चिकनाई युक्त भोजन नहीं करना चाहिए|

3. अपेंडिक्स होने पर कच्चे भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए| यह सही से पच नहीं पाता|

4. अपेंडिक्स हो या कोई अन्य रोग बासी भोजन से परहेज करना चाहिए|

5. इस बीमारी में नॉनवेज चीजों से दुरी बनाये रखनी चाहिए|

अपेंडिक्स में क्या खाये (Appendix Me Kya Khaye)

1. अपेंडिक्स होने पर पोषक तत्वों से युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए|

2. अपेंडिक्स के मरीज को हल्का भोजन करना चाहिए, क्योंकि इसे पचाना आसान होता है|

3. ताजे फलो और ताजी और पत्तेदार सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए| पत्तेदार सब्जियों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है|

4. पाचन किर्या लम्बे समय तक खराब होने के कारण अपेंडिक्स का दर्द होता है| इससे बचने के लिए फाइबर्स युक्त चीजों का सेवन करे|

5. अपेंडिक्स होने पर कम मिर्च मशाले वाला उबला खाना खाये|

इस पोस्ट में आपने Appendix in Hindi और अपेंडिक्स के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में जाना| अपेंडिक्स खतरनाक बीमारी बन सकती है, अगर इसका इलाज समय पर ना कराया जाये| ये पोस्ट आपको कैसी लगी, इसके बारे में हमें कमेंट करके जरूर बताये|

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