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Awesome Father(Papa) Poem in Hindi

Lovely Father Poetry In Hindi

 

Lovely Father Poetry In Hindi

मेरा अभिमान मेरा स्वाभिमान है पापा,
मेरी धरती मेरा आसमान है पापा।

जन्म दिया है माँ ने लेकिन
जिससे मिलेगी मुझे पहचान वो है मेरे पापा।

कभी पानी कभी खाना है पापा,
कभी जवानी कभी बुढ़ापा है पापा।

घोड़ा बनकर कभी खिलाते है पापा,
अंगुली पकड़कर कभी मेला घुमाते है पापा।

माँ ने चलना सिखाया हैं,
तो समाज में रहना सिखाते है पापा।

कभी हसाते तो कभी अनुशासन सिखाते है पापा,
कभी चुप रहते है तो कभी भाषण सुनाते है पापा।

मेरे सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी है पापा,
कभी अपनी आँखो में आंसु छुपाने की लाचारी है पापा।

माँ तो कह देती है अपने दिल की बात,
बिना कुछ कहे सबकुछ सहते है पापा।

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