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Benefits of Mustard Seeds in Hindi & Mustard Meaning

Meaning of Mustard in Hindi and its Benefits

Mustard in Hindi ये हमारे आज के आर्टिकल का टाइटल हैं। सरसो ब्रैसीकेसी कुल का पौधा हैं। ब्रेसिका कम्प्रेसटिस सरसो का वैज्ञानिक नाम  नाम हैं। सरसो का पौधा छोटा होता हैं। सरसो के पौधे में छोटे छोटे पीले रंग के फूल लगते हैं। इन पौधों में छोटी छोटी फलियां लगती हैं। जब ये फलिया पक जाती हैं, तो खुद टूटकर झड़ने लगती हैं। इन फलियों में से छोटे छोटे बीज निकलते हैं। ये बीज काले या हल्के पीले रंग के होते हैं। एक फली में से केवल 6 से 7 बीज निकलते हैं। इन बीजो को सरसो के बीज कहते हैं, और इनसे ही तेल निकाला जाता हैं। इस तेल को ही Sarso ka tel कहते हैं। सरसो की खेती सर्दियों के मौसम में होती हैं, और इस फसल को भारत सहित चीन और कनाडा में भारी मात्रा में उगाया जाता हैं।

Mustard in Hindi

पुराने ज़माने से लेकर आजतक सरसो के तेल का हम खाना बनाने में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आजकल खाने को अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए सरसो के बीज (Mustard Seeds) का भी इस्तेमाल किया जाता हैं। मछली बनाने में सरसो के बीज से तड़का लगाकर बनाये, इससे मछली का स्वाद बढ़ जाता हैं। बंगाल के लोग सबसे अधिक Mustard Seeds का उपयोग करते हैं। आजकल लोग खाना बनाने के लिए Refined Oil का इस्तेमाल Sarso tel से अधिक कर रहे हैं, जिससे कारण स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां बढ़ती चली जा रही हैं। एक शोध के अनुसार जो लोग Refined Oil का इस्तेमाल करते हैं, वो लोग Mustard Oil इस्तेमाल करने वाले लोगो की तुलना में अधिक बीमार रहते हैं।

सरसो के बीज से लेकर पत्ते और तेल में असंख्य प्रकार के गुण पाये जाते हैं। जो मानव स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। जो  आज हम अपनी पोस्ट में आपको सरसो के बीजो, सरसो के पत्तो और सरसो के तेल से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी देंगे। तो चलिए पोस्ट को आगे बढाये और जाने सरसो के फायदों के बारे में।

सरसों के फायदे (Benefits of mustard)

1. आजकल लोग बालो को लंबा घना बनाने के लिए अनेक प्रकार के तेलो का उपयोग करते हैं, और इन तेलो का परिणाम आपके सामने हैं। पहले के लोग बालो में केवल सरसों के तेल (Mustard oil for hair) का इस्तेमाल करते थे, इसीलिए उनके बाल बुढ़ापे तक झड़ते और सफ़ेद नहीं होते थे। सरसों के तेल (Mustard oil) में विटामिन अधिक मात्रा में पाया जाता हैं। जिसके कारण सरसों के तेल से बालो की मालिश करने से बालो को जड़ो से पोषण मिलता हैं, जिसके कारण बाल जल्दी बढ़ते हैं।

2. सरसों में सेलेनियम, मैग्नीशियम , आयरन और कॉपर जैसे खनिज तत्व अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। ये सभी तत्व अस्थमा के दौरे को रोकने में सहायक हैं, इसीलिए सरसों का सेवन अस्थमा रोगियों के लिए लाभदायक हैं।

3. अगर आपको  माइग्रेन की समस्या हैं, तो सरसों के बीज आपके लिए प्राकर्तिक औषधि का काम करते हैं। सरसो के बीज में अधिक मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता हैं। यह मैग्नीशियम आपको माइग्रेन की प्रॉब्लम से निजात दिलाता हैं। अगर आप माइग्रेन से जल्दी छुटकारा पाना चाहते हैं, तो मछली को सरसों में पकाकर खाये। मछली में ओमेगा 3 पाया जाता हैं। यह ओमेगा 3 सरसो से मिलकर माइग्रेन के विरुद्ध काम करता हैं।

4. हमने आपको ऊपर बताया कि सरसों के बीज में सेलेनियम, आयरन, मैग्नीशियम और कॉपर जैसे खनिज तत्व पाये जाते हैं। ये सभी खनिज तत्व आपके शरीर में Blood pressure को कण्ट्रोल करके रखते हैं। रजोनिवृत्ति में भी सरसों के बीज लाभदायक हैं। रजोनिवृत्ति क्या हैं, कुछ लोगो को यह बात पता नही होगी। हम आपको  कि पीरियड्स का बिना किसी कारण ना होना रजोनिवृत्ति कहलाता हैं।

5. बालो को मजबूती देने के लिए ओमेगा 6 फैटी एसिड्स, विटामिन A, प्रोटीन, कैल्शियम और ओमेगा 3 जैसे पोषक तत्वो की जरुरत होती हैं। ये सभी तत्व सरसों में भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। इसीलिए जो लोग बालो में सरसों का तेल लगाते हैं, उनके बाल मजबूत होते हैं।

6. एलोवेरा जेल में सरसों के बीज का पाउडर मिलाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा में मौजूद सारी गन्दगी बाहर निकल जाती हैं। इसे लगाने से त्वचा डीहाइड्रेट नहीं होती।

7. सरसों के बीज में सेलेनियम और मैग्नीशियम तत्व पाये जाते हैं। ये तत्व रूमेटिक आर्थराइटिस जैसी खतरनाक बीमारी को दूर करते हैं।  इसीलिए सरसों के बीज रूमेटिक अ‍र्थराइटिस से पीड़ित रोगी के लिए बहुत लाभकारी हैं।

8. सरसों में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता हैं। इसमें पाये जाने फाइबर अधिक घुलनशील होते हैं। सरसों का सेवन करने से पाचन किर्या मजबूत होती हैं, और पेट भी साफ़ रहता हैं।

9. सरसों के बीज में पाये जाने वाले कुछ तत्व रोग विनाशक होते हैं। इसीलिए सरसों का सेवन करने से सर्दी झुकाम जैसे छोटे मोटे रोग अपने आप ठीक हो जाते हैं।

10. सल्‍फर की अधिक मात्रा के कारण सरसों में एंटी-फंगल गुण पाये जाते हैं। इन्ही एंटी-फंगल गुणों के कारण सरसों के इस्तेमाल से त्वचा से जुड़े सभी संक्रमण दूर हो जाते हैं।

11. सरसों के सेवन से आप सबसे खतरनाक और जानलेवा रोग कैंसर से बचे रह सकते हैं। सरसों में Microsinase और Selenium तत्व पाये जाते हैं। ये दोनों तत्व कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं।

12. सरसों के बीज को आप प्राकर्तिक स्क्रब के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती हैं। गुलाब के तेल या गुलाब जल में सरसों के बीज का पाउडर मिलाकर  स्क्रब तैयार करे। अब इस  स्क्रब को अपनी स्किन पर लगाये। सरसों के बीजो से बना स्क्रब आपकी त्वचा को निखार देगा।

13. सरसों में अधिक मात्रा में फैटी एसिड पाये जाते हैं, जिसके कारण आप इसका प्राकर्तिक कंडीशनर के रूप में भी कर सकते हैं। इससे आपके बाल घने और चमकदार हो जायेगे।

14. सरसों के पत्तो में पाया जाने वाला फाइबर डाइटरी फाइबर होता हैं। यह फाइबर शरीर में मेटाबोलिज्म को मेंटेन करके रखता हैं। मेटाबोलिज्म  मेंटेन रहने से आपका वजन कण्ट्रोल में रहता हैं। इसीलिए जो लोग अपने वजन को कण्ट्रोल रखके खुद को फ़ीट रखना चाहते हैं, उनके लिये सरसों के पत्तो का सेवन फायदेमंद हैं।

15. कैल्शियम और पोटैशियम  से हड्डियों को मजबूती मिलती हैं। सरसों के पत्तो (Mustard Leaves) में कैल्शियम और पोटैशियम अधिक मात्रा में पाया जाता हैं। इसीलिए लोग  सरसों के पत्तो का साग बनाकर खाते हैं।

दोस्तों Cumin in Hindi के बाद आपको हमने Mustard in Hindi के बारे में जानकरी दी। हमें उम्मीद हैं, हमारी जानकारी से आपको लाभ होगा। अगर आपको सरसों के बारे में अन्य कोई जानकारी मालूम हैं, जो आपको हमारी पोस्ट में ना मिली हो, तो आप कमेंट के माध्यम से अपनी जानकारी हमारे साथ जरूर शेयर करे।

Disclaimer: All information are good but we are not a medical organization so use them with your own responsibility.

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