HomeHealth Tips in Hindi

स्‍तन कैंसर Breast Cancer Information in Hindi – Symptoms Treatment

स्तन कैंसर के लक्षण Breast Cancer Symptoms in Hindi

ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) महिलाओं में पाया जाने वाला खतरनाक रोग हैं। आप पढ़ रहे हैं, Breast Cancer Ka Ilaj. पुरे विश्व की तुलना में भारत में ब्रेस्ट कैंसर बहुत तेजी से फैल रहा हैं। समय रहते इस रोग का इलाज ना कराया जाये, तो यह रोग इंसान के लिए जानलेवा शाबित होता हैं। भारत में 20 से लगभग एक महिला ब्रेस्ट कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से झुंझ रही हैं। इस बीमारी का पता अगर लास्ट स्टेज पर चले, तो डॉक्टर इसके इलाज के लिए औरत के पुरे ब्रैस्ट निकालने पड़ते हैं, लेकिन अगर इसका पता शुरुरात में ही चल जाये, तो बिना ब्रैस्ट निकाले इस बीमारी का इलाज संभव हैं।
Breast Cancer Information in Hindi

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए औरतो को समय समय पर अपने ब्रेस्ट का चेकउप कराना चाहिए। अगर आपको ब्रैस्ट कैंसर के लक्षणों के बारे में जानकारी हैं, तो आप खुद भी अपने ब्रेस्ट का चेकअप कर सकती हैं। आज हम अपनी पोस्ट में आपको ब्रैस्ट कैंसर होने के लक्षण, कारण और निवारण के बारे में बतायेगे। तो आइये जाने ब्रेस्ट कैंसर के बारे में।

ब्रेस्ट कैंसर के कारण (Breast Cancer Reasons)

1. नशा (intoxication) – नशीले चीजे जैसे – शराब, सिगरेट आदि का सेवन करने वाले लोगो को स्तन कैंसर का खतरा अधिक होता हैं। इसीलिए शराब, सिगरेट जैसी नशीली चीजो का सेवन छोड़ दे। ये आपके जीवन के लिए घातक हैं।

2. रेडिएशन (Radiation) – जो लोग अधिक X-ray, CT scan और MRI कराते हैं, उनको स्तन कैंसर का खतरा अधिक होता हैं। क्योंकि इनसे निकलने वाला रेडिएशन हमारे स्वास्थ के लिए अधिक हानिकारण होता हैं।

3. अनुवांशिक (Genetically) – स्तन कैंसर का रोग अनुवांशिक भी होता हैं, मतलब अगर आपके परिवार में अन्य किसी को यह रोग हैं, तो आपको यह रोग होने का खतरा दुगना हो जाता हैं।

4. उम्र (Age) – उम्र बढ़ने के साथ साथ ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी बढ़ता जाता हैं। यही कारण हैं कि जिन महिलाओं को स्तन कैंसर होता हैं, उनमे से अधिकतर 45 साल से अधिक उम्र की महिलाये होती हैं।

5. लम्बाई (Height) – आपको जानकर हैरानी होगी, कि जिन औरतो की लंबाई सामान्य से अधिक होती हैं, उन औरतो में स्तन कैंसर का खतरा सामान्य से अधिक होता हैं।

6. गांठ (knot) – अगर आपके स्तन में सूजन और गांठ हो, तो इसे हल्के में ना ले। स्तन में सूजन और गांठ आगे स्तन कैंसर का कारण बनती हैं।

7. मोटापा (obesity) – मोटापा स्तन कैंसर के अलावा अन्य कई जानलेवा लोगो का कारण हैं। मोटापे के अलावा जिन महिलाओं का Body mass index 26 से अधिक होता हैं, उन्हें भी स्तन कैंसर हो सकता हैं।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Breast Cancer Symptoms)

1. अगर आपको अपने स्तन में असामान्य तरीके से थोड़ा सा भी परिवर्तन नजर आये, तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे। क्योंकि स्तनों का असामान्य तरीके से बढ़ना या घटना ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआत को दर्शाता हैं।

2. ब्रेस्ट कैंसर कैंसर होने पर स्तनों के निप्पल का रंग बदलकर लाल हो जाता हैं। इसीलिए अपने निप्पल के रंग को रोज चेक करे। यदि आपको निप्पल के रंग में परिवर्तन नजर आये, तो तुरंद किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाये।

3. कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ब्रेस्ट में हल्का हल्का दर्द होता हैं, जोकि सामान्य बात हैं। लेकिन अगर ब्रेस्ट में होने वाला यह दर्द रोजाना रहने लगे, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाये। क्योंकि ब्रेस्ट में लगातार दर्द रहना, ब्रैस्ट कैंसर का लक्षण हैं।

4. ब्रैस्ट कैंसर का सबसे बड़ा और पहला लक्षण हैं ब्रेस्ट में गांठ और दुखन होना। अगर आपको गांठ में दर्द होने का पता नहीं चल रहा, तो आप अपने ब्रैस्ट को हल्का सा दवाकर भी देख सकते हैं। इसीलिए ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे।

5. ब्रेस्ट कैंसर होने पर ब्रेस्ट के एक साइड का हिस्सा सख्त हो जाता हैं। इसीलिए अपने ब्रेस्ट को खुद से रोज चेक करते रहे।

6. ब्रेस्ट कैंसर होने पर स्तन के पास बगल में सूजन रहने लगती हैं, इसीलिए अगर आपकी बगल में भी हमेशा सूजन रहती हैं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत हैं।

7. अगर आपके निप्पल से खून आ रहा हैं, तब भी आपको डॉक्टर के पास जाने की जरुरत हैं। निप्पल से खून आना ब्रेस्ट कैंसर का बड़ा लक्षण हैं।

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज (Breast cancer treatment)

ब्रेस्ट कैंसर कैंसर का इलाज मुख्य रूप से दो प्रकार की थेरेपी द्वारा किया जाता हैं।

1. मासटेकटॉमी (Mastectomy) – इस सर्जरी में मरीज के पुरे स्तन को काटकर बाहर निकाल लिया जाता हैं।

2. लुम्पेक्टोमी (lumpectomy) – इस प्रकार की सर्जरी में डॉक्टर स्तन के आस पास के कैंसर युक्त लम्प और कुछ स्वस्थ टिश्यू को निकाल देते हैं।

इन दोनों में से किसी भी सर्जरी को करने के बाद डॉक्टर कैंसर फिर से फैलने या होने का खतरा कम करने के लिए कीमो थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी या अन्य किसी थेरेपी की सलाह देते हैं।

रेडिएशन थेरेपी – लुम्पेक्टोमी थेरेपी करके के बाद अधिकतर कई कैंसर युक्त कोशिकाएं रह जाती हैं। इन कोशिकाओं को नष्ट करने और फिर से कैंसर होने के खतरे को खत्म करने के लिए रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता हैं। अगर आप रेडिएशन थेरेपी नहीं कराते, तो आपको फिर से कैंसर होने की सम्भावना 25 % अधिक हो जाती हैं।

आज हमने आपको breast cancer news दी। ब्रेस्ट कैंसर एक खतरनाक बीमारी हैं, जिसके बारे में सुनकर ही इंसान जीने की इच्छा छोड़ देता हैं, लेकिन अगर समय पर इस बीमारी का इलाज कराया जाये, तो इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति भी सामान्य जीवन जी सकता हैं। आपको हमारी यह जानकारी कैसी लगी हमें जरूर बताये।

Disclaimer: All information are good but we are not a medical organization so use them with your own responsibility.

Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

15 − six =

error: Content is protected !!