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Gallbladder Stones in Hindi: Cause Symptoms Treatment

गाल ब्लैडर स्टोन पित्त की पथरी का इलाज

Agar Aap Pitt ki Pathari (Gallstones) se preshan hai, aur aap bina kisi Surgery ke Pitt ki Pathari (Gallstones) ko thik karna chahte hai, tab yh Post Aapke liye kafi Faidemand hai. Pitt ki pathri (Gallstones) ko thik karne ke liye jo Upay btaye gye Tips ko pdhe aur inksa Laabh Uthaye. आजकल पथरी (Stone) होना एक सामान्य समस्या (Common Problems) हो हैं। अगर इसका समय पर इलाज (Treatment) करा लिया जाये, तो यह ठीक हो जाती है।

अगर इसका समय पर इलाज (Treatment) नहीं कराया जाता, तो ये एक भयंकर बीमारी (Disease) का रूप ले लेती है। पित्त की थैली (Gallbladder) में पथरी (Stone) होने पर डॉक्टर (Doctor) हमेशा सर्जरी (Surgery) करने की सलाह देते है। इस सर्जरी (Surgery) में पूरी पित्त की थैली (Gallbladder) को शरीर (Body) से बाहर निकाल दिया जाता है। सर्जरी (Surgery) में काफी पैसे लग जाते है, और इसके साइड इफ़ेक्ट (Side effects) होने के चांस भी है। वैसे भी सर्जरी (Surgery) करना सभी लोगो की बस की बात नहीं। आज हम आपको ऐसे घरेलू (Home Remedies) और आयुर्वेदिक (Ayurvedic) नुस्खों के बारे में बतायेगे, जिनके इस्तेमाल (Used) से आप बिना सर्जरी (Surgery) के पित्त की थैली (Gallbladder) की पथरी (Stone) से छुटकारा पा सकते है।

Gallstone Treatment in Hindi

प‍ित्‍त पथरी के कारण – Causes of Gallstones

1. समय पर भोजन ना करना (Do not eat on time)
2. मॉेसपेशि‍यों में तनाव (Muscle Strain)
3. मोटापे के कारण (Cause of obesity)
4. चावल खाने से (Eating raw rice)
5. गलत तरीके से सोने या बैठने के कारण (Incorrectly due to sleep or sit)

प‍ित्‍त पथरी के लक्षण – Symptoms of gallstones

1. शरीर में खून की कमी होना (Lack of blood in the body)
2. पेट में जलन होना (Burning sensation in the stomach)
3. पेट का धीरे धीरे फूलना (Abdominal swelling gradually)
4. उल्टी होना (Vomiting)
5. कमर दर्द होना (waist pain)
6. चक्कर आना (dizziness)
7. भूख कम लगना (Loss of appetite)
8. पेट में गैस बनना (Stomach gas)

पित्ताशय की पथरी का इलाज – Gallbladder Stones Treatment

Gallbladder Stones ka Treatment karne ke liye adhiktar doctor opration hi btate hai. Lekin niche hum aapko jo upay btayege unke upyog se aap Gallbladder Stones ko bina opration ke thik kar sakte hai.

1. हल्दी पाउडर (Turmeric Powder) – हल्दी पाउडर (Turmeric Powder) पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को ठीक करने का एक अच्छा उपाय है। हल्दी पाउडर (Turmeric Powder) में पाये जाने वाले Anti – Inflammatory और Anti -Oxidant गुण पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को आसानी से गला देते है। आप इस बात से इसका अंदाज लगा सकते है कि एक चम्मच हल्दी पाउडर (Turmeric Powder) से 100 में से 80 % पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को गला देती है। अपने भोजन (food) में हल्दी (Turmeric) का अधिक इस्तेमाल करे।

2. अरंडी का तेल (Castor oil) – अरंडी का तेल (Castor oil) पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को गलाकर बाहर निकालने के साथ साथ पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) में होने वाले दर्द (Pain) में भी आराम (rest) देता है। अरंडी के तेल (Castor oil) से पेट के ऊपर पित्ताशय (Gallbladder) वाले भाग पर हल्के हाथो (Hands) से धीरे धीरे मालिश (Massage) करे।

3. सेब का सिरका या जूस (Vinegar or apple juice) – पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को गलाने (Smelting) में मैलिक अम्ल (Malic acid) काफी अहम भूमिका निभाता है। सेब का सिरका (Apple vinegar) लिवर (Liver) में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को बनने से रोकता है, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) होने का एक बड़ा कारण (Reason) है। सेब (Apple) में भरपूर मात्रा में मैलिक अम्ल (Malic acid) पाया जाता है, इसलिए सेब (Apple) को किसी भी रूप में सेवन करने से पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) गलकर धीर धीरे निकल जाती है। एक गिलास सेब का जूस (Apple juice) ले, इसमें एक चम्मच सेब का सिरका (Apple vinegar) डालकर दिन में 2 से 3 बार पिए, इससे फायदा (profit) होता है।

4. निम्बू का रस (Lemon juice) – निम्बू का रस (Lemon juice) खट्टा (Sour) होता है, जिसके कारण यह पित्ताशय (Gallbladder) में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को बढ़ने (Grow) से रोकता है। जिसके कारण पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) होने का खतरा (Danger) कम हो जाता है। पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) ना हो इसके लिए रोजाना 3 से 4 बार निम्बू (Lemon) का जूस ( juice) बनाकर पीना चाहिए। निम्बू के रस का सुबह खाली पेट सेवन करना अधिक फायदेमंद है।

5. नाशपाती का रस (Pear juice) – पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) का एक बड़ा कारण कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का बढ़ना है। नाशपाती (Pear) में पाये जाने वाला Pectin कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को बढ़ने से रोकता है। आधा गिलास नाशपाती के रस (Pear juice) में आधा गिलास गर्म पानी (Hot Water) और एक चम्मच शहद (Honey) मिलाकर दिन में तीन बार पीना चाहिये।

6. पुदीना (Peppermint) – पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को पुदीना (Peppermint) भी गलाने में सहायक है। पुदीने (Peppermint) में पाया जाने वाला टेरपिन (Terpene) नामक यौगिक (Compound) पाया जाता है, जो पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को गलाकर बाहर निकालता है। पानी में पुदीने (Peppermint) के पत्ते (Leaves) डालकर उबाले (Boil) , जब पत्ते अच्छी तरह उबल (Boil) जाये, तब इस पानी को छलनी से छान ले। इस पानी में एक चम्मच शहद (Honey) मिलाकर रोजाना पिए।

7. गाजर, खीरा, चुकंदर का रस (Carrots, cucumber, beet juice) – इन तीनो का जूस पीने से पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) होने के चांस कम हो जाते है। गाजर (carrot), खीरा (Cucumber), चुकंदर (Beet) तीनो को बराबर मात्रा में लेकर इनका जूस (juice) बना ले, अब इस जूस (juice) को दिन में दो बार पिए।

8. खान पान में बदलाब (Changes in eating habits) – पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) को ठीक करने के लिये आपको अपनी दैनिक दिनचर्या और खान पान में बदलाब करना चाहिए। पानी (Water) अधिक मात्रा में पीना चाहिए। तला भुना और अधिक मसालेदार भोजन नहीं करना चाहिए। विटामिन सी (vitamin C) से युक्त फलो (Fruit) और सब्जियों (Vegetables) का सेवन करे।

9. ककडी और गाजर (Cucumber and carrots) – ककडी और गाजर (Cucumber and carrots) के रस को बराबर बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stones) धीरे धीरे गलकर बाहर निकल जाती है।

10. शराब सिगरेट (Alcohol Cigarettes) – शराब सिगरेट से दूर रहना चाहिए, इनका प्रयोग हानिकारक हो सकता है।

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