HomeHindi Story

कौन सबसे योग्य? Moral Kahaniya Stories in Hindi

Hindi Moral Kahani for Children

Hindi Moral Kahani for Children

एक बार एक शिष्य ने अपने गुरू से पूछा, गुरूजी आप मुझे ये बताये हाथी अधिक शक्तिशाली होता हैं या चूहा, शेर में अधिक योग्यता होती हैं,या गीदड़ में। शिष्य की बात सुनकर गुरूजी मुस्कुराये और बोले, सभी अपने अपने स्थान पर समान रूप से शक्तिशाली और योग्यतावान होते हैं। गुरु जी की बात पर शिष्य ने सहमती तो प्रकट कर दी, लेकिन उसे गुरूजी की बात समझमे नहीं आयी।

गुरूजी को यह बात समझ आ गयी, उन्होंने उसे अपने पास बुलाया और कहा, तुम मुझे कल एक थैली भरकर सुखी पत्तियां लाकर देना। शिष्य ने गुरूजी की बात मानी और वह एक थैली सुखी पत्तियां लेने जंगल की ओर चल दिया।

जंगल की ओर जाने पर उसे बहुत हैरानी हो रही थी, क्योंकि उसे जंगल में दूर दूर तक सुखी पत्तियां नजर ही नहीं आयी।

शिष्य पास के खेत में काम कर रहे, एक आदमी के पास गया, और उससे बोला, क्या आप मुझे एक थैली सुखी पत्तियां दे सकते हैं। शिष्य की बात सुनकर वह आदमी बोला मेरे पास जो सुखी पत्तियां थी, मैंने तो उन्हें जलाकर अपनी सर्दी दूर कर ली, अब तो मेरे पास सुखी पत्तियां बची ही नहीं।

उस आदमी की बात सुनकर वह शिष्य कुछ और आगे बढ़ा, उसे एक दुकान दिखायी दी।

वह उस दुकान पर जाकर दुकान के मालिक से एक थैली सुखी पत्तियां देने की प्रार्थना करने लगा। उस दुकानदार ने कहा, मैंने तो पैसे कमाने के उद्देश्य से उन सुखी पत्तियो के दोने बनाकर बेच दिए। अब मेरे पास सुखी पत्तियां खत्म हो चुकी हैं।

शिष्य कुछ दूर और चला था, कि उसे एक बूढी औरत दिखायी दी। उसने उनसे सुखी पत्तियां देने का विनर्म अनुरोध किया, लेकिन वह बोली उन्होंने सुखी पत्तियो से अलग अलग प्रकार की दवाईया तैयार कर ली हैं, और अगर वह कुछ दिनों बाद आये, तो शायद वह उन्हें सुखी पत्तियां दे पाये। बूढी औरत की बात सुनकर वह निराश होकर चला गया।

अगले दिन वह शिष्य अपने गुरु के पास खाली हाथ ही पहुच गया। गुरुजी ने जब उससे सुखी पत्तियां ना लाने का कारण पूछा तब उसने सारी बात बता दी। तब गुरूजी ने उसे समझाते हुए कहा, जब बेजान सुखी पत्तियां भी बेकार नहीं होती, तब हम किस आधार पर किसी व्यक्ति को छोटा या बड़ा बताते हैं। तब हम किस आधार पर किसी व्यक्ति को कम और अधिक योग्यतावान बताते हैं।

दोस्तों संसार में कोई भी प्राणी छोटा, और बड़ा नहीं होता। सब अपनी जगह पर उचित हैं, सबकी अपनी वैल्यू हैं। हमसे छोटे भी हमारे लिए उतने ही जरुरी हैं, जितने हमसे बड़े। शेर में अलग योग्यता और गुण हैं, तो गीदड़ में अलग योग्यता और गुण हैं।

आपको हमारी कहानी कैसी लगी हमें जरूर बताये हमसे जुड़ने के लिए हमें हमारी Id पर आप मेल कर सकते हैं। हमारी Id हैं [email protected]

Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one × 4 =

error: Content is protected !!