HomeHealth Tips in Hindi

ब्रेस्ट में दर्द का इलाज कैसे करें | Breast Pain Causes & Reason in Hindi

Causes of Breast Pain in Hindi

{ब्रेस्ट में दर्द} Breast Pain Reason in Hindi : अक्सर महिलाओं के ब्रेस्ट में दर्द होता है| ब्रेस्ट में दर्द होने को मस्‍टालजिया भी कहा जाता है| यह महिलाओं में होने वाली सामान्य प्रॉब्लम है, जिसमे स्तनों हल्का दर्द, जकड़न, भारीपन, कोमलता, या स्तन ऊतकों में जलन जैसे लक्षण नजर आते है| स्तनों में दर्द के साथ साथ कई बार कन्धों और बगल में भी दर्द होने लगता है| स्तनों में होने वाले दर्द का अर्थ स्तन कैंसर होना नहीं है|

Breast Pain in Hindi

ब्रेस्ट में दर्द (Breast Pain in Hindi)

कई बार मासिक धर्म के कारण भी स्तनों में दर्द होने लगता है| मासिक धर्म चक्र के कारण होने वाले ब्रैस्ट पैन को साइक्लिकल मास्‍टालजिया कहते है| यह दर्द मासिक धर्म होने से कुछ दिनों पहले शुरू होता है और मासिक धर्म होने के बाद अपने आप ठीक हो जाता है| रजोनिवृत्ति के कारण शरीर में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता घटता है, जिसके कारण स्तनों में दर्द होने लगता है| इस प्रकार रजोनिवृत्ति के कारण भी स्तनों में दर्द हो सकता है|

कैलिफोर्निया पैसिफिक मेडिकल सेंटर के अनुसार 60 से 70 % महिलाएं ब्रैस्ट पैन से प्रभावित होती है| ब्रैस्ट पैन से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले ब्रैस्ट पैन के कारणों के बारे में पता होना जरुरी है| कई बार ब्रैस्ट पैन चक्रीय होता है अर्थात माहवारी के कारण होता है, जो माहवारी के बाद अपने आप ठीक हो जाता है| कई बार ब्रैस्ट पैन गैर चक्रीय होता है| गैर चक्रीय ब्रैस्ट पैन के कई कारण हो सकते है| आइये जाने ब्रेस्ट में दर्द के कारण और इसके इलाज के बारे में|

ब्रेस्ट में दर्द के प्रकार (Types of Breast Pain in Hindi)

चक्रीय स्तन दर्द (Cyclic Breast Pain) – मासिक धर्म के दौरान शरीर में अनेक प्रकार के हार्मोन्स में बदलाव आता है, जिसके कारण स्तनों में दर्द होने लगता है| मासिक धर्म के कारण होने वाले ब्रैस्ट पैन को चक्रीय स्तन दर्द कहते है| लगभग 75 % ब्रैस्ट पैन की समस्या चक्रीय होती है| मासिक धर्म के बाद यह दर्द अपने आप ठीक हो जाता है|

गैर चक्रीय स्तन दर्द (Noncyclic Breast Pain) – गैर चक्रीय स्तन दर्द के अनेक कारण हो सकते है| कई बार यह स्तन में किसी प्रकार के आघात या चोट के कारण होने लगता है| कई बार यह दर्द दुग्ध ग्रंथियों में आने वाले बदलावों के कारण हो जाता है| गैर चक्रीय स्तन दर्द अधिकतर 40 से 50 वर्ष के बीच की आयु वाली औरतो को होता है|

चक्रीय स्तन दर्द के लक्षण (Cyclic Breast Pain Symptoms in Hindi)

1. इस प्रकार का स्तन दर्द माहवारी की तरह कभी भी होने लगता है|

2. स्तनों में सूजन महसूस होती है|

3. रजोनिवृत्ति के साथ भी चक्रीय स्तन दर्द हो सकता है|

4. यह दर्द अक्सर माहवारी से कुछ दिन पहले शुरू होता है|

5. चक्रीय स्तन दर्द में कुछ महिलाओं को कम और कुछ महिलाओं को तेज दर्द होता है|

6. स्तनों से दर्द धीरे धीरे बढ़कर दोनों बगल में होने लगता है|

7. इस प्रकार के स्तन दर्द में स्तनों में असहजता का अनुभव होने लगता है|

8. स्तनों में कई बार गांठ का अनुभव होता है|

गैर चक्रीय स्तन दर्द के लक्षण (Non Cyclical Breast Pain Symptoms in Hindi)

1. माहवारी से गैर चक्रीय स्तन दर्द का कोई कनेक्शन नहीं होता|

2. गैर चक्रीय स्तन दर्द अधिकतर दोनों में से एक स्तन में होता है|

3. स्तनपान कराने वाली महिलाओं में यह दर्द तेज होता है|

4. गैर चक्रीय स्तन दर्द अधिकतर 40 से 50 साल की आयु की औरतो में अर्थात रजोनिवृत्ति के बाद होता है|

5. संक्रमण के कारण ब्रेस्ट पैन होने पर बुखार और स्तनों में लालिमा आ जाती है|

6. शुरुआत में यह दर्द स्तन के एक चौथाई हिस्से को प्रभावित करता है, उसके बाद पुरे धीरे धीरे पुरे सीने में यह दर्द फ़ैल जाता है|

ब्रेस्ट में दर्द के कारण (Breast Pain Reason in Hindi)

स्तन पुटी के कारण ब्रेस्ट में दर्द होना

जैसे जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती जाती है, वैसे वैसे उनके स्तन बड़े होते जाते है और उनके स्तनों में अनेक प्रकार के परिवर्तन आते जाते है| इन परिवर्तनों के चलते स्तनों में रेशेदार ऊतकों और अल्सर का विकास होता है| इन्हे फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट टिश्यू कहते है| आमतौर पर ये टिश्यू किसी गंभीर चिंता का कारण नहीं होते, परन्तु कई बार इनके कारण स्तनों में दर्द होने लगता है|

स्तनों में दर्द का कारण हार्मोन असंतुलन

महिलाओं में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन के शरीर में बढ़ने और घटने के कारण स्तनों में दर्द होने लगता है| इन दोनों हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने पर स्तनों में दर्द, सूजन और गांठ जैसे लक्षण नजर आ सकते है| कई बार जैसे जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है, वैसे वैसे हार्मोन के स्तर में वृद्धि के साथ साथ स्तनों में होने वाला यह दर्द भी बढ़ता जाता है| कई बार जिन महिलाओं को चक्रीय ब्रेस्ट पैन होता है, उन्हें रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट में दर्द नहीं होता|

हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने के कारण ब्रेस्ट में होने वाला दर्द अक्सर माहवारी आने से कुछ दिन पहले बहुत तीव्र हो जाता है| कई बार यह चक्रीय मस्‍टालजिया माहवारी के दिनों में भी चलता रहता है| स्तनों में होने वाला दर्द चक्रीय मस्‍टालजिया है या नहीं, इस बात की जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी माहवारी की डेट नोट करे और ध्यान दे की आपको दर्द माहवारी से कितने दिन पहले और क्यों होता है|

स्तनपान के कारण हो सकता है ब्रेस्ट में दर्द

स्तनों में सूजन और गांठ दुग्ध ग्रंथियों में संक्रमण का लक्षण है| इस संक्रमण के कारण निपल्स में जलन, खुजली और दर्द होने लगता है| जो महिलाएं बच्चे को दूध पिलाती है, उनमे यह दर्द दूध पिलाते समय तेज हो जाता है| अक्सर डॉक्टर ऐसा होने पर एंटीबायोटिक दवा का सेवन करने की सलाद देते है| दूध पीते समय अगर बच्चा निप्पल को अच्छी तरह नहीं लेता, तब भी कई बार स्तनों में दर्द होने लगता है|

ब्रेस्ट के अन्य लक्षण (Breast Pain Causes in Hindi)

  • बहुत टाइट और छोटे कप वाली ब्रा
  • सीने में दर्द होना
  • सीने में चोट लगना
  • पेप्टिक अल्सर होना
  • दाद की समस्या होना
  • खून में रेड ब्लड सेल्स की कमी
  • पसली की हड्डी में फ्रैक्चर होना
  • स्तनों की सर्जरी
  • चिंता और तनाव
  • स्तन कैंसर
  • स्तन में गांठ
  • दिल की बीमारी
  • धूम्रपान और शराब का सेवन

स्तनों में दर्द का निदान (Breast Pain Diagnosis in Hindi)

स्तनों में होने वाले दर्द का निदान करने के लिए सबसे पहले डॉक्टर आपके कुछ सवाल जवाब करेंगे| ये सवाल निम्नलिखित हो सकते है –

  • क्या आप कैफीन का सेवन किया है ? अगर किया है, तो कितनी मात्रा में किया है ?
  • क्या आपके दोनों स्तनों में दर्द है ?
  • क्या आपने गर्भनिरोधक गोली का सेवन क्या है
  • क्या आप किसी प्रकार की दवा ले रही है ?
  • क्या आपको स्तनों में गांठ का अनुभव हो रहा है ?
  • क्या आपके स्तनों से कोई द्रव निकलता है ?
  • स्तन के किस हिस्से में दर्द है ?
  • आप सिगरेट पीती है या नहीं ?

ब्रेस्ट में दर्द होना स्तन कैंसर होना नहीं है| परन्तु अगर आपके स्तन के किसी एक हिस्से में लम्बे समय से दर्द हो रहा है, तब डॉक्टर आपको निम्नलिखित टेस्ट कराने के लिए बोल सकते है|

  • मैमोग्राम (Mammogram)
  • बायोप्सी (Biopsy)
  • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI)
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

ब्रेस्ट में दर्द का इलाज (Breast Pain Treatment in Hindi)

1. आइस पैक के इस्तेमाल से ब्रेस्ट में होने वाले दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है| सूती कपडे में बर्फ का टुकड़ा लपेट ले| अब इस कपडे को अपने स्तनों पर दर्द कम ना होने तक दिन में तीन से चार बार लगाएं| ठन्डे तापमान से दर्द और सूजन में राहत मिलती है|

2. एक गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर रोजाना दिन में दो बार पियें| इससे हार्मोन्स बैलेंस रहेगा और स्तन दर्द और सूजन से छुटकारा मिलेगा|

3. अगर आप स्तनों के दर्द से छुटकारा पाना चाहते है, तो अपने स्तनों की मसाज करे| मसाज के लिए दो चम्मच गुनगुने जैतून के तेल में कुछ बून्द कपूर के तेल की मिलाये और दिन में दो से तीन बार स्तनों की हल्के हाथो से मसाज करे|

4. विटामिन ई हार्मोन में होने वाले बदलाव को बैलेंस करता है, जिसके कारण स्तनों में होने वाला दर्द कम हो जाता है| ब्रेस्ट के दर्द में विटामिन ई युक्त फलो और सब्जियों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करे| विटामिन ई की कितनी खुराख आपके लिए सही है, इसके बारे में एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ले|

5. अगर आपके स्तनों में दर्द होता है, तो दो चम्मच जैतून के तेल में 1 चम्‍मच रेंड़ी का तेल मिलाकर हल्के हाथो से दो से तीन मिनट मसाज करे| इन दोनों तेल को मिलाकर मसाज करने से ब्रेस्ट को पोषण मिलता है और सूजन और दर्द से राहत मिलती है|

6. अगर आपको ब्रेस्ट में माहवारी आने से पहले दर्द होना शुरू हो जाता है, तो यह घरेलू नुस्खा अपनाये| एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर पानी आधा कप होने तक उबाले| अब इसे छलनी से छानकर दिन में तीन से चार बार चाय की तरह पिए| सौंफ फीमेल हार्मोन को बैलेंस करती है और ब्रेस्ट पैन से निजात दिलाती है| सौंफ को दिन में आप कई बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में चबाकर भी खा सकते है|

7. अगर आपके स्तनों में सूजन के कारण दर्द हो रहा है, तो पत्तागोभी का सेवन करे| पत्तागोभी में सूजन विरोधी गुण पाए जाते है| पत्तागोभी को पीसकर पेस्ट बना ले और फिर कुछ देर के लिए इस पेस्ट को अपने स्तनों पर लगाएं| इससे सूजन कम होती है और दर्द से छुटकारा मिलता है|

8. अगर आपके स्तनों में दर्द मासिक धर्म के कारण हो रहा है, तब इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए आपको अधिक मात्रा में मैगनीशियम युक्त आहार का सेवन करना होगा| पत्तेदार सब्जियों में सबसे अधिक मैगनीशियम होता है, इसीलिए इनका सेवन अधिक करे|

9. अगर आपके स्तनों में दर्द हमेशा रहता है, तब आपको सोयाबीन का सेवन करना चाहिए| सोयाबीन में हार्मोन्स को कण्ट्रोल करके के गुण पाए जाते है और यह स्तनों के दर्द को कम करने में भी सहायक है|

ब्रेस्ट के दर्द से बचने के उपाय (Prevention of Breast Pain in Hindi)

  • हाइड्रोजेनरेटेड ऑयल का सेवन कम या ना करे
  • मेथाईलेक्सनथीन युक्त पदार्थो का सेवन कम करे
  • योग और व्यायाम करते समय स्पोर्ट्स ब्रा पहने
  • अच्छी फिटिंग वाली ब्रा का इस्तेमाल करे
  • संक्रमण से बचने के लिए रोजाना ब्रा धोएं
  • ताजे फलो और हरी सब्जियों का सेवन करे
  • अंडरवायर और पुश-अप ब्रा ना पहने

इस पोस्ट में हमने आपको स्तनों में होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय और इसके होने के लक्षणों के बारे में बताया| आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, इसके बारे में हमें कमेंट के माध्यम से बताये| कमेंट करने के लिए पोस्ट के निचे बने कमेंट बॉक्स में जाये और अपने सवाल वहाँ टाइप करके हमसे उनके सवाल जाने|

Disclaimer: All information are good but we are not a medical organization so use them with your own responsibility.

Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

seven − six =

error: Content is protected !!